हर प्रतियोगिता Exam में आने वाले Daily Top 5 सामान्य विज्ञान के प्रश्न उत्तर - General Science


12. संवेग एक सदिश राशि है या अदिश राशि?
उत्तर- सदिश राशि (Vector Sum)

संवेग क्या होता हैं?
किसी वस्तु के द्रव्यमान व वेग के गुणनफल को संवेग (Momentum) कहते हैं
p = m x v (संवेग = द्रव्यमान × वेग)
यहाँ p = कण का रेखीय संवेग
m = कण का द्रव्यमान
v = कण का वेग 

संवेग (Momentum) के बारे में मुख्य पॉइंट –
• संवेग एक सदिश राशि है क्योंकि इसका एक परिमाण होता है और एक दिशा भी होती है।
• संवेग को अंग्रेजी के अक्षर ‘P’ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, और इसकी दिशा वेग के समान होती है।
• संवेग की SI मात्रक (MKS पद्धति) kg ms-1 होती है
• संवेग की मात्रक CGS पद्धति में ‘ग्राम-सेमी/सेकण्ड’ या ‘डाइन-सेकण्ड’ होती है

11. वृक्षों की छालों पर उगने वाले कवकों को क्या कहते हैं?
उत्तर- कार्टीकोल्स

फफूंद या कवक (Fungus)
• कवक एक प्रकार के जीव हैं 
• ये अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते बल्कि विविधपोषी होते हे
• कवक संवहन उतक रहित होते हैं इनमें सचित भोजन ग्लाइकोजन के रूप में रहता है
• कवक अपना भोजन सड़े गले म्रृत कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त करते हे
• कवक संसार के प्रारंभ से ही जगत में उपस्थित हे
• कवक को वनस्पति वर्ग में में रखा है
• इस वर्ग के जीव में पर्णहरित (Chlorophyll) रहित होते हैं
• इनमें जड़, तना और पत्तियाँ नहीं होतीं हैं
• कवक के अध्ययन कवक विज्ञान (mycology) कहते हैं।
• गोबर पर उगने वाले कवक को कोप्रोफिलस कहते है
• वृक्षों के छाल पर उगने वाले कवक को कोर्टीकोलस कहते है
• चट्टान पर उगने वाले पादप शैलोद्भिद् कहलाते है ?
• प्रकाश में उगने वाले पौधे साइकोफाइट्स कहलाते हैं
• वसा में उगने वाले कवक को यूरोटियम कहते है
• कवक की कोशिका-भिती काइटिन की बनी होती हैं 
• पेनिसिलिन फंफूंद से प्राप्त की जाती है। इसकी खोज अलेग्जेंडर फ्लेमिंग ने की थी।

10. एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर ध्वनि का ----------- एवं ----------- होता है?
उत्तर- परावर्तन एवं अपवर्तन

ध्वनि (Sound) क्या हैं?
एक प्रकार का कम्पन है जो किसी ठोस, द्रव या गैस से होकर संचारित होती है, किन्तु मुख्य रूप से उन कम्पनों को ही ध्वनि कहते हैं जो मानव के कान (Ear) से सुनायी पडती हैं।

आवृत्ति के अनुसार ध्वनि को 4 वर्गी में बटा गया है
• अपश्रव्य (Infrasonic) - 20 Hz से कम आवृत्ति, मानव को सुनाई नहीं देती
• श्रव्य (sonic) - 20 Hz से 20 kHz के बीच की आवृत्ति, यह ध्वनि मानव को सुनाई देती है।
• पराश्रव्य (Ultrasonic) - 20 kHz से अधिक की आवृत्ति, यह ध्वनि मानव को सुनाई नहीं देती है।
• अतिध्वनिक (Hypersonic) - 1 GHz से अधिक की आवृत्ति

ध्वनि की प्रमुख विशेषताएँ (Main features of sound)
• ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है न की विद्युतचुम्बकीय तरंग (प्रकाश विद्युतचुम्बकीय तरंग है)
• ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है न कि विद्युतचुम्बकीय तरंग। ।
• ध्वनि के संचरण के लिये माध्यम (ठोस द्रव, गैस एवं प्लाज्मा) की जरूरत होती है। 
• निर्वात में ध्वनि का संचरण नहीं हो सकता।
• द्रव, गैस एवं प्लाज्मा में ध्वनि केवल अनुदैर्घ्य तरंग (Longitudenal Wave) के रूप में चलती है जबकि ठोसों में यह अनुप्रस्थ तरंग (Transverse Wave) के रूप में भी संचरण कर सकती है।
• जिस माध्यम में ध्वनि का संचरण होता है यदि उसके कण ध्वनि की गति की दिशा में ही कम्पन करते हैं तो उसे अनुदैर्घ्य तरंग कहते हे
• जब माध्यम के कणों का कम्पन ध्वनि की गति की दिशा के लम्बवत होता है तो उसे अनुप्रस्थ तरंग कहते है।
• सामान्य ताप व दाब पर वायु में ध्वनि का वेग लगभग 332 मीटर प्रति सेकेण्ड होता है।
• 332 मीटर प्रति सेकेण्ड अधिक बहुत से वायुयान इससे भी तेज गति से चल सकती हैं उन्हें सुपरसॉनिक विमान कहा जाता है।
• मानव कान लगभग 20 हर्ट्स से लेकर 20 किलोहर्टस (20000 हर्ट्स) आवृत्ति की ध्वनि तरंगों को ही सुन सकता है। 
• एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर ध्वनि का परावर्तन एवं अपवर्तन होता है।
• माइक्रोफोन ध्वनि को विद्युत उर्जा में बदलता है 
• लाउडस्पीकर विद्युत उर्जा को ध्वनि उर्जा में बदलता है।

09. ऊष्मा का सबसे कम ऊष्मारोधी धातु कौन सी है?
उत्तर- एल्युमीनियम

(i) एल्युमीनियम (Al) के बारे में मुख्य पॉइंट –
• एलुमिनियम एक रासायनिक तत्व है जो धातुरूप में पाया जाता है
• एलुमिनियम का परमाणु संख्य 13 होता हैं 
• एलुमिनियम का एक प्रमुख अयस्क ‘बॉक्साईट’ है 
• एलुमिनियम धातु विद्युत तथा ऊष्मा का चालक तथा काफ़ी हल्की होती है
• एलुमिनियम बहुत हलकी होने के कारण इसका उपयोग हवाई जहाज के पुर्जों को बनाने में किया जाता है
• यह मुख्य रूप से अलुमिनियम ऑक्साईड, आयरन आक्साईड तथा कुछ अन्य अशुद्धियों से मिलकर बना होता है
• यह भूपर्पटी में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु

08. ट्रांसफॉर्मर का प्रयोग किसके नियन्त्रित करने में होता है?
उत्तर – धारा

(i) ट्रान्सफार्मर या परिणामित्र के बारे में मुख्य पॉइंट – 
ट्रान्सफार्मर - ट्रान्सफार्मर एक ऐसा विद्युत यंत्र है जो कि AC सप्लाई की फ्रीक्वेंसी को बिना बदले, वोल्टता को कम या ज्यादा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसका इस्तेमाल उन DC उपकरण पर किया जाता है जोकि AC सप्लाई द्वारा चलाए जाते हैं 
जैसे - एंपलीफायर, बैटरी चार्जर इत्यादि

• सबसे पहले ट्रांसफार्मर का आविष्कार Michael Faraday ने 1831 और Joseph Henry ने 1832 में करके दिखाया था
• DC उपकरण AC उपकरण के मुकाबले बहुत कम बिजली से चलते हे
• रेक्टिफायर की मदद से AC से DC में बदला जाता है
• ट्रान्सफार्मर या परिणामित्र एक वैद्युत मशीन है जिसमें कोई चलने या घूमने वाला अवयव नहीं होता।
• ट्रांसफॉर्मर एक-फेजी, तीन-फेजी या बहु-फेजी होते है
• किसी ट्रान्सफार्मर में एक या दो या उससे अधिक वाइन्डिंग हो सकती हे
• ट्रान्सफार्मर का मुख्य उपयोग - जहाँ, जैसी आवश्यकता हो विद्युत शक्ति को अधिक वोल्टता से कम वोल्टता में या कम वोल्टता से अधिक वोल्टता में बदलना है
• ट्रांसफॉर्मर एक स्थैतिक मशीन है।
• सिलिकॉन स्टील की कोर कम आवृत्ति के वाले ट्रांसफॉर्मर में प्रयुक्त होती है। उच्च आवृति (10 किलोहर्ट्ज से सैकड़ों किलोहर्ट्ज) के ट्रांसफॉर्मर फेराइट की कोर का प्रयोग करते हैं। बिना कोर के भी ट्रांसफॉर्मर बनाया जा सकता है (वायु-क्रोड ट्रांसफॉर्मर)।
• ट्रांसफॉर्मर डीसी के साथ काम नहीं कर सकता क्योंकि समय के साथ फ्ल्क्स का परिवर्तन नहीं होता। 220 वोल्ट के ट्रांसफॉर्मर को एक-दो वोल्ट भी डीसी देने से उसकी प्राइमरी में बहुत अधिक धारा बहेगी और वह जल सकता है।
• यदि कोई ट्रांसफॉर्मर f1 आवृत्ति एवं V1 वोल्टता के लिए डिजाइन किया गया है किन्तु उसे f2 आवृत्ति तथा V1 वोल्टता पर चलाया जाता है तो -
• ट्रांसफॉर्मर सैचुरेट होकर, अधिक धारा लेकर, गरम होकर जल सकता है यदि f2 < f1
• ट्रांसफॉर्मर को कोई खास समस्या नहीं होगी यदि, f2 > f1 . (किन्तु यदि f2 बहुत अधिक हो तो अच्छा यह होगा कि उच्च आवृत्ति का कोर प्रयोग करते हुए उसके अनुसार ट्रांसफॉर्मर डिजाइन किया जाय।)
• किसी ट्रांसफॉर्मर की दक्षता उस लोड पर सबसे अधिक होती है जिस लोड पर लौह-क्षति (iron loss) तथा ताम्र-क्षति (copper loss) बराबर हो जाँय।
• ट्रांसफॉर्मर के कोर में दो तरह की ऊर्जा-क्षति होती है - भंवर-धारा क्षति (एड्डी-करेंट लॉस) तथा हिस्टेरिसिस क्षति। कोर को पतली-पतली पट्टियों (लैमिनेटेड) से बनाने से भँवर-धारा क्षति कम होती है। (इन पट्टियों की सतह पर इंसुलेटिंग परत होती है।)
• ट्रांस्फॉर्मर में जरूरी नहीं कि दो ही वाइंडिंग हों। प्रायः तीसरी, चौथी वाइंडिंग भी होतीं हैं। आटोट्रांसफॉर्मर में एक ही वाइंडिंग होती है।
• वैरियक (variac) एक आटोट्रांसफॉर्मर है जिसमें इनपुट और आउटपुट टर्न्स का अनुपात नियत (fixed) नहीं होता बल्कि सतत रूप में बदला जा सकता है। इसके लिए ब्रश के द्वारा एक चलित-सम्पर्क (moving contact) बनाया गया होता है।
• आटोट्रांसफॉर्मर, समान रेटिंग के दो वाइंडिंग वाले ट्रांसफॉर्मर से छोटा और सस्ता होता है।

07. कपड़े से स्याही और जंग के धब्बे छुड़ाने के लिए किसका प्रयोग होता है?
उत्तर – ईथर

(i) ईथर के बारे में मुख्य पॉइंट –
• ईथर का सामान्य सूत्र R-O-R होता है
• ईथर में दो कार्बन परमाणु एक ऑक्सिजन परमाणु द्वारा संयोजित रहते हे
• एल्किल समूह के आधार पर ईथर दो प्रकार के होते है - सममित ईथर और असममित ईथर

ईथर का उपयोग - 
• वसा, मज्जा और तेलों के घोलने के लिए ईथर बहुत ही अच्छा विलायक है और इस गुण के कारण ईथर का उपयोग रसायनशालाओं में विलायक के रूप में बहुत किया जाता है
• ईथर का उपयोग हिममिश्रण तैयार करने में भी किया जाता है। ठोस कार्बन डाइआक्साइड और ईथर के मिश्रण द्वारा अति नीचा ताप उपलब्ध हो सकता है।
• कपड़े से स्याही और जंग के धब्बे छुड़ाने के लिए भी इसका उपयोग होता है

06. वाट को किसमें प्रकट कर सकते हैं?
उत्तर- जूल प्रति सेकण्ड में

वाट किसे कहते हैं?
जब किसी भी प्रकार का मशीन एक जूल कार्य प्रति सेकंड करती है, तब यह एक वाट कार्य कहलाता है।
• 1 वाट = 1 जूल/सेकंड
• 1 किलो वाट = 1000 वाट

जूल ऊर्जा का एक मात्रक
• 1 किलो कैलोरी = 4184 जूल

05. मनुष्य का सामान्य रक्तचाप कितना होता है?
उत्तर- 120/80

(i) मनुष्य के बारे में मुख्य पॉइंट –
• मनुष्य का वेज्ञानिक नाम Homo sapiens होता हैं 

(ii) रक्तचाप के बारे में मुख्य पॉइंट –
• रक्तचाप, रक्तवाहिनियों में बहते रक्त द्वारा वाहिनियों की दीवारों पर द्वारा डाले गये दबाव को कहते हे
• किसी व्यक्ति का रक्तचाप, सिस्टोलिक/डायास्टोलिक (120/80) रक्तचाप के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है।
• रक्तचापमापी या स्फाइगनोमैनोमीटर, रक्तचाप मापने के यंत्र होता हैं
• मनुष्य का सामान्य रक्तचाप 120/80 होता है

04. ऊष्मा का सबसे कम ऊष्मारोधी धातु कौन सी है?
उत्तर- एल्युमीनियम

(i) एल्युमीनियम (Al) के बारे में मुख्य पॉइंट –
• एलुमिनियम एक रासायनिक तत्व है जो धातुरूप में पाया जाता है
• एलुमिनियम का परमाणु संख्य 13 होता हैं 
• एलुमिनियम का एक प्रमुख अयस्क ‘बॉक्साईट’ है 
• एलुमिनियम धातु विद्युत तथा ऊष्मा का चालक तथा काफ़ी हल्की होती है
• एलुमिनियम बहुत हलकी होने के कारण इसका उपयोग हवाई जहाज के पुर्जों को बनाने में किया जाता है
• यह मुख्य रूप से अलुमिनियम ऑक्साईड, आयरन आक्साईड तथा कुछ अन्य अशुद्धियों से मिलकर बना होता है
• यह भूपर्पटी में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु है

03. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में S का अर्थ क्या है? 
उत्तर- Space

(i) ISRO के बारे में मुख्य पॉइंट –
• ISRO एक भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है जिसका मुख्यालय बंगलौर में है
• ISRO का पूरा नाम  Indian Space Research Organisation (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) हैं 
• भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन की स्थापना 15 अगस्त 1969 में की गयी थी
• इस संस्थान का मुख्य कार्य भारत के लिये अंतरिक्ष सम्बधी तकनीक उपलब्ध करवाना है
• भारत का पहला उपग्रह, आर्यभट्ट,19 अप्रैल 1975 को सोवियत संघ यानि रूस द्वारा अंतरिक्ष में छोड़ा गया था। इसका नाम महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था 

02. रसोई गैस (LPG)  का मिश्रण …………… होता है? 
उत्तर- ब्यूटेन एवं प्रोपेन का

(i) रसोई गैस (LPG)  के बारे में मुख्य पॉइंट –
• द्रवित पेट्रोलियम गैस (Liquefied petroleum gas / LPG) को रसोई गैस के रूप में अधिक जाना जाता है
• रसोई गैस (LPG)  का उपयोग घरों में खाना पकाने एवं कुछ वाहनों में इंधन के रूप में प्रयुक्त होती है इसके साथ ही आजकल यह एक शीतलक (रेफ्रिजिरेन्ट) के रूप उपयोग होता हैं 
• LPG से ओजोन परत को कोई नुकसान नहीं होता हैं 
• LPG रसोई में इस्तेमाल की जाने वाली गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है। इसलिए इसमें मर्काप्तन नाम का गंधक पदार्थ मिलाया जाता है ताकि लीकेज होने पर पहचाना जा सके
• घरेलू गैस में ब्यूटेन व प्रोपेन गैस का उपयोग किया जाता है। जो तरलीय गैस होती है। जिसे एलपीजी गैस भी कहा जाता है

(ii) ब्यूटेन (C4H10) के बारे में मुख्य पॉइंट –
• ब्यूटेन एक CnH2n+2 सामान्य सूत्र वाले हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण है
• ब्यूटेन  आणविक फार्मूला C4H10 होता हे
• यह एक अल्केन है

(iii) प्रोपेन  (C3H8) के बारे में मुख्य पॉइंट –
• प्रोपेन एक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन गैस है जिसे दबाव के माध्यम से तरलीकृत किया जाता है और आमतौर पर ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है
• प्रोपेन का सामान्य नाम 'प्रोपिलीन' या 'मेथिल एथिलीन' होता हैं।
• प्रोपेन में 3 कार्बन होते हैं
• प्रोपेन आणविक फार्मूला C3H8 होता हैं।

01. पौधे क्या उत्सर्जित करते हैं?
उत्तर- रात में कार्बनडाइऑक्साइड और दिन में ऑक्सीजन

(i) कार्बनडाइऑक्साइड के बारे में मुख्य पॉइंट – 
• कार्बनडाइऑक्साइड एक रंगहीन तथा गन्धहीन गैस है
• कार्बनडाइऑक्साइड का रासायनिक सूत्र CO2 होता हैं 
• वायुमण्डल में यह गैस आयतन के हिसाब से लगभग 0.03 प्रतिशत होती है
• सामान्य तापमान तथा दबाव पर यह गैसीय अवस्था में रहती है
• यह एक ग्रीनहाउस गैस है, क्योंकि सूर्य से आने वाली किरणों को तो यह पृथ्वी के धरातल पर पहुंचने देती है परन्तु पृथ्वी की गर्मी जब वापस अंतरिक्ष में जाना चाहती है तो यह उसे रोकती है


(ii) ऑक्सीजन या प्राणवायु के बारे में मुख्य पॉइंट –
• ऑक्सीजन को प्राणवायु भी कहते हैं
• ऑक्सीजन एक रंगहीन, स्वादहीन तथा गंधहीन गैस है
• ऑक्सीजन की खोज अथवा प्रारम्भिक अध्ययन में जे॰ प्रीस्टले और सी॰डब्ल्यू॰ शेले ने महत्वपूर्ण कार्य किया था
• ऑक्सीजन एक रासायनिक तत्त्व है
• एन्टोनी लैवोइजियर ने इसका नाम आक्सीजन रखा
• सन् 1772 ई॰ में कार्ल शीले ने पोटैशियम नाइट्रेट को गर्म करके आक्सीजन गैस तैयार किया था
• सन् 1774 ई॰ में जोसेफ प्रिस्टले ने मर्क्युरिक-ऑक्साइड को गर्म करके ऑक्सीजन गैस तैयार किया था

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